
कुशीनगर। जनपद के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव (एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन, एफआईसीपी, एफआईएसीएम, एफआईएसएच, एफडीआई, सीसीईबीडीएम) एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव मिश्र को Diabetes India के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय फेलोशिप कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। यह सम्मान मधुमेह के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान, शोधपरक दृष्टिकोण और समर्पित सेवाओं की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया।
Hyderabad में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर से चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। फेलोशिप के दौरान साक्ष्य-आधारित उपचार दिशानिर्देशों, नवीनतम शोध प्रगति, आधुनिक इंसुलिन थेरेपी, जटिल मधुमेह प्रबंधन तथा जीवनशैली आधारित उपचार पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। यह मंच चिकित्सकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी चिकित्सा सेवाओं को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है।
डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव इससे पूर्व भी दो बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उनके सतत योगदान, शोधपरक कार्यशैली और उत्कृष्ट रोगी-सेवा को लेकर उन्हें पहले भी सराहा जा चुका है। यह नवीन फेलोशिप उनके उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है। वे लंबे समय से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय-जोखिम कारकों एवं चयापचय विकारों के समग्र प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उपचार के साथ-साथ वे जन-जागरूकता अभियानों, सतत चिकित्सा शिक्षा और सामुदायिक स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से भी समाज में स्वास्थ्य चेतना को सुदृढ़ कर रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरुजनों, वरिष्ठ चिकित्सकों, सहयोगियों और समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क और मरीजों के अटूट विश्वास का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी पत्नी डॉ. सुरभि श्रीवास्तव का धन्यवाद किया, जिनका निरंतर सहयोग उनके जीवन और पेशेवर सफर की प्रेरणा रहा है। साथ ही उन्होंने नवजीवन हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर के मरीजों और सहयोगियों के प्रति भी कृतज्ञता जताई। उनका कहना है कि मरीजों का विश्वास ही चिकित्सक की सबसे बड़ी पूंजी है।
डॉ. श्रीवास्तव ने संकल्प व्यक्त किया कि वे आधुनिक उपचार प्रोटोकॉल, अद्यतन शोध-आधारित चिकित्सा पद्धतियों और सामुदायिक स्वास्थ्य अभियानों के माध्यम से मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के प्रभावी नियंत्रण की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।