वन विभाग और खाकी की कथित मिलीभगत से हरे पेड़ों पर चल रहा इलेक्ट्रॉनिक आरा, ठूंठ उखाड़कर मिटाए जा रहे सबूत

फतेहपुर/बाराबंकी। एक ओर प्रदेश सरकार पेड़ लगाओ–पेड़ बचाओ का नारा देकर पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर फतेहपुर क्षेत्र के एक गांव में हरे-भरे आम के पेड़ों पर वन माफियाओं द्वारा खुलेआम इलेक्ट्रॉनिक आरा चलाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की रहनुमाई में प्रतिबंधित पेड़ों की कटान धड़ल्ले से जारी है।
जानकारी के अनुसार रविवार की देर रात वन विभाग रेंज फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम मुजाहिदपुर, नहर के किनारे स्थित एक बाग में कई आम के पेड़ों को धराशायी कर दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक बीते दो दिनों से यह अवैध कटान रात के अंधेरे में की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब तीन बजे अचानक मशीनों की तेज आवाजें सुनाई देने लगती हैं। जब लोगों ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि वन माफिया हरे-भरे आम के पेड़ों पर इलेक्ट्रॉनिक आरा चलाकर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेड़ काटने के बाद ठेकेदार और माफिया पेड़ों के ठूंठ तक उखाड़कर मिट्टी से ढक देते हैं, ताकि अवैध कटान के कोई सबूत मौके पर न मिल सकें। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के उदासीन रवैये से यह स्पष्ट होता है कि पूरी कार्रवाई विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि वन विभाग और खाकी की कथित सांठगांठ से वन माफिया बेखौफ होकर हरियाली को नष्ट कर रहे हैं।
इस मामले में जब वन रेंजर पी.के. सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि शिकायत की जानकारी मिली है। मौके पर टीम भेजी गई है। लकड़ी को जब्त करने के साथ-साथ विधिक और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।