लखनऊ से सफलता की मिसाल: निशुल्क कोचिंग और अभ्युदय योजना से चमके प्रतिभाशाली अभ्यर्थी

लखनऊ। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद सफलता की राह आसान नहीं होती, लेकिन समाज कल्याण मंत्रालय की निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े अभ्यर्थियों ने यह साबित कर दिखाया है कि सही मार्गदर्शन और संसाधनों से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लखनऊ के सुकृत कुमार सिंह, मीनू रावत, निशु शुक्ला, वंशिका सिंह और संजीव कुमार बाजपेई ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता प्राप्त कर अपने सपनों को साकार किया है।

निशुल्क कोचिंग बनी सफलता की मजबूत नींव

समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निशुल्क आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रदेश भर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण के नेतृत्व में इन केंद्रों ने प्रतिभाशाली युवाओं को एक मजबूत मंच प्रदान किया है, जिससे वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।

हॉस्टल, भोजन से लेकर लाइब्रेरी तक-सभी सुविधाएं मुफ्त

भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को कोचिंग सत्र के दौरान हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जाती हैं, जिनमें मुख्य परीक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं।

प्रदेश के 75 जिलों में अभ्युदय योजना का विस्तार

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना वर्तमान में प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को UPSC, UPPSC, JEE, NEET, NDA और CDS जैसी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है, जिससे प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है।