
बहराइच। मिहींपुरवा तहसील के भारत–नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में जनजागरण और विकास के संकल्प के साथ ग्राम गौरा पिपरा में रविवार को ‘सीमा संवाद’ एवं ‘ग्राम गौरव सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीमा जागरण मंच के तत्वावधान में हुए इस आयोजन में सीमांत गांवों की समस्याओं, संभावनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भूमिका पर गंभीर मंथन हुआ।
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अभिषेक वर्मा उर्फ सौरभ वर्मा ने कहा कि ‘सीमा संवाद’ केवल भाषणों का मंच नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और आकांक्षाओं पर सीधे संवाद का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांव केवल भौगोलिक सीमा के प्रहरी नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना के संवाहक हैं। स्थानीय सहभागिता से ही सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है।
मंच के प्रांत महामंत्री अनिल कुशवाहा ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, स्थानीय नागरिकों में राष्ट्र चेतना का संचार करना तथा सीमांत क्षेत्रों में सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती समाज की जागरूकता और सक्रियता ही राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली कड़ी है।
प्रांत संगठन मंत्री अमरनाथ ने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल नक्शे की रेखाएं नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय अस्मिता के प्रथम स्तंभ हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भर भारत और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, समन्वय, विकास, रिवर्स पलायन और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर संगोष्ठी आयोजित की गई। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने अपने सुझाव रखे। ‘ग्राम गौरव सम्मान’ के तहत क्षेत्र के सक्रिय नागरिकों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर प्रांत सह प्रचार प्रमुख योगेंद्र मौर्य उर्फ पिंटू मौर्य, सरदार गुरमीत सिंह, समाजसेवी सोमवर्धन पांडेय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को जनांदोलन का स्वरूप प्रदान किया।