गोंडा: अनामिका शुक्ला प्रकरण की गुत्थी सुलझाने में जुटी यूपी एसटीएफ, बीएसए ऑफिस से मिले कई अहम दस्तावेज

लखनऊ/गोंडा। बहुचर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी एसटीएफ की अयोध्या यूनिट ने शुक्रवार को गोंडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए वित्त एवं लेखा विभाग बेसिक शिक्षा कार्यालय में छापेमारी की। टीम ने कई घंटे तक पटल लिपिक अनुपम पांडे से बंद कमरे में पूछताछ की और मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।

देर शाम एसटीएफ की टीम ने बीएसए अतुल कुमार तिवारी और पटल लिपिक सुधीर कुमार सिंह से भी पूछताछ की। टीम ने कार्यालय से 2017 से दिसंबर 2024 तक के वेतन वितरण से संबंधित रिकॉर्ड खंगाला, जिसमें यह सामने आया कि बिना अनुमोदन के अनामिका शुक्ला के नाम पर वर्षों तक वेतन जारी किया गया।

बता दें कि यह वही मामला है जिसने वर्ष 2020 में पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। उस समय यह खुलासा हुआ था कि अनामिका शुक्ला के नाम पर 25 अलग-अलग स्कूलों में लोग नौकरी कर रहे थे। जांच के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षिका के पद पर वेतन लेने का बड़ा नेटवर्क सामने आया था।

अब, हाईकोर्ट के निर्देश पर एसटीएफ अयोध्या यूनिट ने इस प्रकरण की तहकीकात शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम को वेतन भुगतान, नियुक्ति अभिलेख और अनुमोदन से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगा।

इस कार्रवाई के दौरान शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। फिलहाल एसटीएफ की टीम संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतने वर्षों तक बिना अनुमोदन के भुगतान कैसे होता रहा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।