
मैलानी-खीरी। मैलानी खीरी स्थित सिद्धिविनायक पब्लिक स्कूल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वृंदावन धाम से पधारे आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की दिव्य कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब पृथ्वी गाय का रूप धारण कर ब्रह्मा जी के पास जाती है और तब भगवान नारायण अवतार लेकर पृथ्वी का भार हरते हैं।
आचार्य ने बताया कि भगवान श्रीहरि का जन्म मथुरा में वासुदेव और देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में हुआ। कारागार में भगवान ने वासुदेव-देवकी को चतुर्भुज रूप में दर्शन देकर अपने अवतार का रहस्य बताया। इसके पश्चात वासुदेव जी भगवान श्रीकृष्ण को टोकरी में रखकर मथुरा से गोकुल ले गए, जहां योगमाया कन्या को मथुरा लाया गया। कंस के हाथ से कन्या छूटकर आकाश मार्ग से अष्टभुजी देवी के रूप में प्रकट हुई और कंस को उसके अंत का संदेश दिया।
कथा के दौरान नंद महाराज के घर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर आयोजित नंदोत्सव का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। गोप-गोपियां, वृद्धजन और ब्रजवासी आनंद में झूम उठे। गोपियों द्वारा हल्दी, दही और दूध से उत्सव मनाया गया तथा बाबा नंद ने सभी को हर्षपूर्वक बधाइयां दीं। उपस्थित श्रद्धालुओं ने जन्मोत्सव का आनंद भक्ति भाव के साथ लिया।
कार्यक्रम में अंकित गोयल वासुदेव, काजल गोयल यशोदा तथा संतोष भारद्वाज के भांजे भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए। नगर सहित बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी कथा का रसपान किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति महेश्वरी, समाजसेवी भवानी शंकर महेश्वरी, पवन मित्तल, अशोक अग्रवाल, मुरारी लाल अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष गुरुमीत कौर, द्वारका प्रसाद गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।