
कासगंज। जनपद कासगंज के अमांपुर कस्बे में उस समय सनसनी फैल गई जब एक ही परिवार के पांच लोगों के शव उनके घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी पर डीएम प्रणय सिंह और एसपी अंकिता शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बाद में डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी भी मौके पर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
मृतकों की पहचान नगला भोजपुर निवासी 50 वर्षीय सत्यवीर सिंह, उनकी 48 वर्षीय पत्नी शीला, 12 वर्षीय बेटी आकांक्षा, 10 वर्षीय बेटी प्राची और 8 वर्षीय बेटे ग्रीश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सत्यवीर सिंह अमांपुर कस्बे में एटा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक गली में किराये के मकान में परिवार सहित रहते थे और वेल्डिंग की छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति वेल्डिंग का काम कराने उनकी दुकान पर पहुंचा, लेकिन दुकान बंद मिली। इसके बाद वह सत्यवीर के मकान पर पहुंचा। मकान अंदर से बंद था। जब उसने झांककर देखा तो सत्यवीर का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ दिखाई दिया। उसने तत्काल आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में सत्यवीर का शव फांसी के फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी और तीनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे।
डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि सत्यवीर ने पहले पत्नी और बच्चों को जहरीला पदार्थ दिया होगा और उसके बाद स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या की होगी। शव लगभग तीन दिन पुराने लग रहे हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार मकान तीन दिन से बंद था।
उन्होंने आशंका जताई कि आर्थिक तंगी भी घटना का एक कारण हो सकती है, क्योंकि मृतक छोटी सी वेल्डिंग की दुकान चलाता था। फिलहाल सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।