कतर्नियाघाट में वन विभाग की दोहरी कार्रवाई, कछुआ तस्करी व खैर लकड़ी कटान पर शिकंजा

बहराइच। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में वन विभाग ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। एक ओर कछुआ तस्करी में लिप्त दो आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया, वहीं दूसरी ओर खैर लकड़ी की अवैध कटान करते एक व्यक्ति को पकड़कर जेल भेजा गया है। दोनों मामलों में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की गई है।
सुजौली रेंज के कोलियागौढ़ी बीट, कक्ष संख्या 1बी के संरक्षित वन क्षेत्र में सुजौली वन क्षेत्राधिकारी रोहित कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान व्यापारिक उद्देश्य से कछुओं का शिकार करते दो व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में देखा गया। घेराबंदी कर दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में दो कछुए, एक नाव और शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों की पहचान कैलाश पुत्र मैकू निवासी सेमरी घटही तथा इंदल पुत्र बैजनाथ निवासी बदौलिया, थाना मुशाहरी, जिला मुजफ्फरनगर के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम की सुसंगत धाराओं में रेंज केस दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
दूसरी कार्रवाई मुर्तिहा रेंज के बीट संख्या 21 में की गई। मुर्तिहा वन क्षेत्राधिकारी रत्नेश कुमार के नेतृत्व में गश्त के दौरान बाघ संरक्षित वन क्षेत्र में एक व्यक्ति को खैर के पेड़ की अवैध कटान करते हुए पकड़ा गया। आरोपी के पास से खैर की 11 नग लकड़ी और कटान में प्रयुक्त आरा बरामद किया गया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान कमलेश तिवारी पुत्र शत्रोहन निवासी निबियापुरवा, सेमरी घटही, थाना मुर्तिहा के रूप में हुई। उसके विरुद्ध भी वन्य जीव अधिनियम के तहत रेंज केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीवों के शिकार और वन संपदा की अवैध कटान के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। संरक्षित वन क्षेत्रों में निगरानी और गश्त को और अधिक सख्त किया जा रहा है, ताकि तस्करी और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।