किरावली: टोलकर्मियों ने कार का शीशा तोड़ा, पुलिस ने सीसीटीवी जांच से किया इनकार

किरावली। क्या सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच करना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता? यह सवाल ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के एक पीड़ित परिवार ने थाना अछनेरा पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाते हुए उठाया है। परिवार का आरोप है कि रायभा टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों ने मथुरा दर्शन के बाद लौटते समय उनकी कार का शीशा तोड़ दिया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच में सहयोग नहीं किया और सीसीटीवी फुटेज देखने से इनकार कर दिया।
पीड़ित गजेंद्र सिंह भदौरिया और रिंकी साहू, निवासी ग्वालियर, शनिवार शाम लगभग चार बजे परिवार सहित मथुरा से गोवर्धन परिक्रमा करके लौट रहे थे। रायभा टोल प्लाजा पर आगे की गाड़ी निकलने के बाद उन्होंने अपनी कार रोक ली। कुछ सेकंड बाद टोल बैरियर उठने पर उन्होंने वाहन आगे बढ़ाया। इसी दौरान एक टोलकर्मी ने पीछे से हाथ में पहने कड़े से कार पर प्रहार किया, जिससे शीशा टूट गया।
कार रोकने पर कई टोलकर्मी एकत्र हो गए और टोल न कटने का बहाना बनाने लगे। इसके बाद टोलकर्मियों ने महिलाओं सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की।
घटना की सूचना पर कुकथला चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़ितों के अनुसार पुलिस ने टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने से मना कर दिया। चौकी क्षेत्र के एक दरोगा ने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर धमकाने और टोल कर्मियों के पक्ष में खड़े होने का भी आरोप लगाया।
पीड़ितों ने बताया कि वे आगरा जाकर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से टोलकर्मियों की दबंगई और पुलिस के कथित अमानवीय व्यवहार की शिकायत करेंगे।