
कुशीनगर। बुद्धनगरी कुशीनगर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में पारंपरिक बौद्ध वंदना के साथ हुआ। देश-विदेश से आए भिक्षुओं, विद्वानों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा, “भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है,” और विश्वभर में शांति, अहिंसा और सह-अस्तित्व के संदेश को फैलाने पर जोर दिया।
महावीर जयंती के अवसर पर उन्होंने बौद्ध और जैन दर्शन के संगम को भारतीय संस्कृति की अनूठी पहचान बताया। साथ ही यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक संवाद को बढ़ावा मिलता है, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में आयोजित इस कॉन्क्लेव में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि बौद्ध दर्शन, वैश्विक शांति और सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन करेंगे। यह आयोजन कुशीनगर को वैश्विक पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।