
कसया, कुशीनगर। कसया थाना क्षेत्र के भैसहा टोला छितौना पट्टी में शनिवार सुबह लगभग छह बजे गन्ने के खेत में एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर खेत की ओर गई दो बालिकाओं ने पास जाकर देखा तो नाल कटी हुई, कुछ ही घंटे पहले जन्मी बच्ची रो रही थी।
बालिकाओं ने तत्काल गांव में सूचना दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। इसी दौरान गांव के रामप्रसाद की पत्नी व अन्य महिलाओं ने मानवता का परिचय देते हुए बच्ची को अपनी गोद में उठाया और घर ले गईं। वहां गर्म पानी से साफ-सफाई कर उसे नहलाया गया और प्राथमिक उपचार के लिए कसया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने ही जिगर के टुकड़े को इस तरह लावारिस छोड़ देते हैं। लोग नवजात को खेत में छोड़ने वाले माता-पिता के प्रति नाराजगी जताते नजर आए।
सूचना पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है, ताकि बच्ची को जन्म देने वालों का पता लगाया जा सके। पुलिस चौकी प्रभारी सुजीत पांडेय ने बताया कि बच्ची को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है तथा चाइल्ड केयर को भी सूचना दे दी गई है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।