लखीमपुर की चंदन चौकी बनेगी इको-टूरिज्म और वेलनेस हब : पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह

लखनऊ, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी को प्रमुख इको-टूरिज्म और वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना तेज कर दी है। यह परियोजना पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत तैयार होगी।

परियोजना में पर्यावरण-हितैषी आवास, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर गतिविधियां, रेस्टोरेंट, स्थानीय लोगों द्वारा संचालित होम-स्टे, स्मृति-चिह्न की दुकानें और वीकेंड हाट जैसी सुविधाएं होंगी। पर्यटन विभाग का उद्देश्य इस विकास के माध्यम से स्थायी पर्यटन और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसमें थारू जनजाति और स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका रहेगी।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में वर्ष 2024 में 57 लाख पर्यटक आए थे, जबकि 2025 की पहली तिमाही में ही करीब 6.5 लाख सैलानी नेपाल से सटे इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। इस साल पर्यटकों की संख्या में 12-15% की वृद्धि का अनुमान है।

दुधवा टाइगर रिजर्व के पास स्थित चंदन चौकी को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यह वन्यजीव पर्यटन को वेलनेस, संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जोड़ सके। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को इको-टूरिज्म के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

निदेशक इको-टूरिज्म प्रखर मिश्रा ने बताया कि चंदन चौकी को एक समग्र पर्यटन केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां सैलानी वेलनेस, रोमांच और ग्रामीण जीवन का अनुभव एक साथ ले सकेंगे। यहां निर्माण पूरी तरह पर्यावरण-हितैषी होगा और सतत पर्यटन को बढ़ावा देगा।