
लखीमपुर-खीरी।एक ओर शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाने के लिए अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। जनपद खीरी की तहसील गोला क्षेत्र की ग्राम पंचायत जटपुरा में खलिहान और खेल मैदान जैसी बेशकीमती सरकारी भूमि पर दर्जनों मकान, दुकानें, टीन शेड और छप्पर बन चुके हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। आरोप है कि अवैध कब्जेदारों को हटाने की जिम्मेदारी संभाल रहे राजस्वकर्मी और संबंधित जिम्मेदार ही मोटी रकम लेकर अपने चहेतों को संरक्षण दे रहे हैं।
स्थानीय शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार निवासी ग्राम व पोस्ट जटपुरा, तहसील गोला, परगना कुकुरा, जिला खीरी ने जिलाधिकारी, आयुक्त और अध्यक्ष राजस्व परिषद से शिकायत करते हुए बताया कि गांव की गाटा संख्या 1192, रकबा 0.1500 हेक्टेयर, जो राजस्व अभिलेखों में खेल मैदान के नाम दर्ज है, उस पर वर्तमान ग्राम प्रधान और स्थानीय लेखपाल की मिलीभगत से अवैध कब्जे कराए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ लोग पहले से ही अवैध कब्जा कर चुके हैं, जबकि कुछ अन्य को कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया जा रहा है।
राजेंद्र कुमार ने बताया कि उक्त सरकारी भूमि पर कई लोगों ने मकान, टीन शेड, छप्पर आदि बनाकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत पहले भी की गई थी, जिस पर आंशिक कार्रवाई के आदेश तो हुए, लेकिन लेखपाल ने कथित रूप से कब्जेदारों से मोटी रकम लेकर उन्हें छोड़ दिया। बाद में कराई गई पैमाइश में ठाकुर प्रसाद, शिवकुमार, सुरेंद्र यादव, किताबुद्दीन शौकत, अयूब सहित अन्य लोगों के अवैध मकान और दुकानें खेल मैदान की जमीन पर पाई गईं, इसके बावजूद अब तक किसी को बेदखल नहीं किया गया।
आरोप है कि ग्राम प्रधान और लेखपाल खुलेआम ग्राम पंचायत की भूमि सहित अन्य सरकारी संपत्तियों पर पैसे लेकर कब्जा करा रहे हैं। इतना ही नहीं, शिकायत करने और खबर प्रकाशित होने के बाद शिकायतकर्ता और पत्रकार को धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि गांव की सरकारी संपत्तियों, देवस्थान, होलिका स्थल, खाद के गड्ढे, घूरे, खलिहान और हरिजन बस्ती की आरक्षित भूमि तक को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि दबाव बनाकर उससे शिकायत वापस लेने और खबर न प्रकाशित करने को कहा जा रहा है। पत्रकार ने किसी अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए कहा है कि यदि शिकायतकर्ता या पत्रकार के साथ कोई भी घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, तहसील प्रशासन और अवैध कब्जेदारों की होगी। शिकायतकर्ता ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।