
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला चिकित्सालय का मुख्य गेट कई वर्षों से बंद है, जिससे महिला मरीजों और उनके तीमारदारों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े नेता, मंत्री और अधिकारी कई बार अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं और गेट को खोलने के निर्देश भी दिए, लेकिन मेडिकल कॉलेज अथॉरिटी ने इन आदेशों को नजरअंदाज किया है।
अस्पताल के जिम्मेदार हर बार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं कि गेट डीएम के आदेश पर बंद किया गया है। सोमवार को एक प्रसूता को इमरजेंसी में अस्पताल लाया गया, लेकिन गेट तक पहुंचने में उसे और तीमारदारों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला आयोग की सदस्य ने कई माह पूर्व गेट को पूर्ण रूप से खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अस्पताल में एक व्यक्ति के लिए खोली गई संकरी जगह से ही मरीजों को अंदर दाखिल होना पड़ता है। एम्बुलेंस से आने वाले मरीजों और प्रसूताओं को पुरुष चिकित्सालय के गेट से प्रवेश करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त 10 मिनट का समय व्यर्थ चला जाता है। इस स्थिति ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही और मेडिकल कॉलेज के गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण महिला मरीजों की सुविधा और सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।