
लखनऊ। राजधानी में ब्राह्मण समाज को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। लखनऊ में हजरतगंज और भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर लगे विरोधी पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान शंकराचार्य के संगम स्नान से जुड़े विवाद और ब्राह्मण बटुकों की चोटी खींचने की कथित घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
बताया जा रहा है कि संगम स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद ब्राह्मण समाज में असंतोष बढ़ा, जिसका असर अब प्रदेश की राजनीति में साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी के प्रमुख स्थलों पर लगे पोस्टरों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

भाजपा लखनऊ महानगर के वार्ड अध्यक्ष देवांश पाण्डे द्वारा लगाए गए पोस्टरों में मुख्यमंत्री से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की गई है। पोस्टर वार के जरिए ब्राह्मण समाज के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है।
राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। एक ओर जहां सत्तापक्ष इसे कानून-व्यवस्था का विषय बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार पर ब्राह्मण समाज की उपेक्षा का आरोप लगा रहा है।
माघ मेले की घटना अब प्रदेश की सियासत में नया मुद्दा बन चुकी है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठन इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ रहे हैं।