लखनऊ: ब्रेन डेड रानी के अंगदान से दो मरीजों को मिला नया जीवन

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मानवता की मिसाल पेश करते हुए ब्रेन डेड घोषित की गई रानी के अंगदान से दो गंभीर मरीजों को नया जीवन मिला है। यह सफल प्रत्यारोपण पीजीआई में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया।
जानकारी के अनुसार, रानी को मस्तिष्क में रक्तस्राव के बाद 20 मार्च को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। 23 मार्च को उनका जटिल न्यूरो सर्जरी ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन उपचार के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका।
लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए 27 मार्च को विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल ने रानी को ब्रेन स्टेम डेड घोषित कर दिया। इसके बाद सोटो-यूपी (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) की टीम ने परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया।
परिजनों ने साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए अंगदान के लिए सहमति दी। इसके बाद रानी की दोनों किडनियों का सफल प्रत्यारोपण कर दो जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, यह प्रत्यारोपण पूरी तरह सफल रहा और दोनों मरीजों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
रानी का यह अंगदान न केवल दो जिंदगियों के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। पीजीआई लखनऊ में हुआ यह सफल किडनी ट्रांसप्लांट मानवता और संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।