
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने का बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक का आह्वान उ.प्र. कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी द्वारा किया गया।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीते 9 वर्षों से शासन द्वारा कर्मचारी संगठनों की लगातार उपेक्षा की जा रही है और उनकी जायज मांगें लंबित पड़ी हुई हैं।
यह भी कहा गया कि कार्मिक विभाग द्वारा हर माह कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक के निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन शासन स्तर पर इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार की नीतियों के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सभी संगठनों ने एक स्वर में अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठन एक मंच पर आकर सामूहिक रूप से चरणबद्ध और प्रभावी आंदोलन चलाएंगे, जो तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।
साथ ही यह भी तय किया गया कि जो संगठन इस बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं, उन्हें जोड़ने के लिए 8 अप्रैल 2026 को पुनः बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि व्यापक सहमति बनाकर आंदोलन को और मजबूत किया जा सके।