मायावती ने ज्योतिबा फुले की जयंती पर दी श्रद्धांजलि: फुले दंपत्ति के योगदान को बताया ऐतिहासिक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी प्रमुख मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में फुले को सामाजिक परिवर्तन का पितामह बताते हुए कहा कि बहुजन समाज में अति-पिछड़े वर्ग में जन्म लेकर उन्होंने समाज को नई दिशा दी। वहीं उन्होंने अपनी ओर से और बहुजन समाज पार्टी की तरफ से उन्हें शत-शत नमन करते हुए अपार श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में फुले दंपत्ति के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने स्त्री शिक्षा और नारी सशक्तिकरण की नींव रखी, जिसके कारण उनका नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने फुले के प्रसिद्ध कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के अभाव में ही समाज पिछड़ता है और शोषण का शिकार बनता है। इसी विचारधारा से प्रेरित होकर भीमराव अंबेडकर ने भी शिक्षा को सामाजिक उत्थान का सबसे बड़ा माध्यम माना।

सपा पर साधा निशाना

बसपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगे कहा कि उन्नीसवीं सदी में फुले के प्रयासों से न केवल पुणे बल्कि पूरे महाराष्ट्र में दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए एक नई जागरूकता पैदा हुई। उनके संघर्षों के चलते नारी मुक्ति और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल हुई, जिसकी जितनी भी सराहना की जाए वह कम है।

पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपनी सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी बीएसपी सरकार ने महापुरुषों के सम्मान में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनमें अमरोहा जिले का नाम बदलकर ज्योतिबा फुले नगर करना भी शामिल था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में सत्ता में आई समाजवादी पार्टी सरकार ने संकीर्ण राजनीति और जातिवादी मानसिकता के चलते इस नाम को बदल दिया।

राजनीतिक विरोधियों पर किया तीखा हमला

इसके अलावा, उन्होंने बताया कि बीएसपी सरकार ने कासगंज को कांशीराम नगर, कानपुर देहात को रमाबाई नगर, संभल को भीमनगर, शामली को प्रबुद्ध नगर और हापुड़ को पंचशील नगर के रूप में विकसित किया था। लेकिन बाद में इन जिलों के नाम भी बदल दिए गए। मायावती ने इसे समाज के प्रति दुर्भाग्यपूर्ण दृष्टिकोण बताते हुए राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला।