
लखीमपुर खीरी। ब्लॉक नकहा क्षेत्र के ग्राम झमपुरवा चौराहे पर मेडिकल की आड़ में संचालित अवैध क्लीनिकों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। आरोप है कि यहां तीन तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी वैध पंजीकरण के लंबे समय से इलाज के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। जनपद में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार झमपुरवा चौराहे पर ये झोलाछाप डॉक्टर खुद को चिकित्सक बताकर मेडिकल सेंटर की आड़ में अवैध क्लीनिक चला रहे हैं। बिना उचित डिग्री और रजिस्ट्रेशन के मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिससे कई बार गंभीर परिणाम सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गलत इलाज के चलते पूर्व में कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। इस संबंध में तीमारदारों द्वारा सीएमओ कार्यालय में शिकायतें भी की गईं, लेकिन कथित रूप से धनबल के प्रभाव के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
गांव के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इलाज के नाम पर जीवन रक्षक दवाइयों की आड़ में नशीली गोलियों और कैप्सूलों की भी खुलेआम बिक्री की जा रही है, जिससे क्षेत्र में नशाखोरी का खतरा भी बढ़ रहा है। इससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में है, बल्कि सामाजिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
झमपुरवा गांव के लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मेडिकल की आड़ में चल रहे इन अवैध क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मरीज की जान न जाए। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीएमओ इस गंभीर मामले में कब और क्या कदम उठाते हैं।