Udaipur Files Film: बॉलीवुड फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट से फिल्ममेकर्स को बड़ी राहत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। यह याचिका कन्हैयालाल मर्डर केस के आरोपी मोहम्मद जावेद द्वारा दाखिल की गई थी, जिसमें फिल्म के ट्रायल पर असर डालने की आशंका जताई गई थी।
Udaipur Files: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान फिल्म की ओर से पेश हुए वकील ने दलील दी कि फिल्म शुक्रवार को रिलीज़ हो रही है और याचिका के चलते ट्रायल प्रभावित हो सकता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि:
“फिल्म को रिलीज़ होने दीजिए, आपकी आपत्तियों पर संबंधित ट्रायल कोर्ट में बात की जा सकती है।”
अदालत ने स्पष्ट किया कि वो फिल्म पर पहले से रोक नहीं लगा सकती।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद की आपत्ति
फिल्म को लेकर केवल एक ही नहीं, बल्कि कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने और CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र को रद्द करने की मांग की है।
‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर विवाद क्यों?
‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म 2022 में हुई कन्हैयालाल की नृशंस हत्या पर आधारित है। ट्रेलर में कई संवेदनशील मुद्दों को दिखाया गया है:
नूपुर शर्मा के विवादित बयान का संदर्भ
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद और कुछ ऐसे विजुअल्स जो मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते दिखते हैं
जमीयत उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि यह फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली है और नफरत फैलाती है। दूसरी ओर, फिल्म के निर्माता इसे “सच्चाई को सामने लाने की कोशिश” बता रहे हैं।
फिल्म की रिलीज़
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इसकी रिलीज़ पर कोई कानूनी अड़चन नहीं रही।
निष्कर्ष:
‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज़ पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लग चुकी है, लेकिन इसके इर्द-गिर्द उठे विवाद थमने के आसार नहीं दिख रहे। जहां एक ओर संगठन इसे नफरत फैलाने वाली बता रहे हैं, वहीं मेकर्स इसे सच्चाई की आवाज़ कह रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि दर्शक इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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