नलकूप ऑपरेटर की लापरवाही से 17 बीघा फसल जलमग्न, किसानों को भारी नुकसान

फतेहपुर-बाराबंकी। मो0पुर खाला क्षेत्र के ग्राम बसौली में सरकारी नलकूप ऑपरेटर की गंभीर लापरवाही से आधा दर्जन किसानों की करीब 17 बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। गुरुवार रात सिंचाई के लिए खोला गया नलकूप लगभग 10 घंटे तक बंद नहीं किया गया, जिससे पानी उफनाकर खेतों में भर गया और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मामला ग्राम बसौली का है, जहां सरकारी नलकूप संख्या 152 एफपीजी स्थापित है। इस नलकूप पर ऑपरेटर राकेश मिश्रा की तैनाती है। 15 जनवरी की रात खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप खोला गया, लेकिन सुबह तक उसे बंद नहीं किया गया। लंबे समय तक पानी बहने से पहले लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक छोटे तालाब में पानी भर गया, इसके बाद तालाब से उफनाया पानी आसपास के खेतों में फैल गया।
जलभराव से किसान शिव कैलाश शुक्ल की दो बीघा आलू, शिव भगवान की तीन बीघा सरसों, लक्ष्मण व अनुष्थ की डेढ़-डेढ़ बीघा सरसों, रामचंद्र वर्मा की सात बीघा गेहूं तथा उमेश चंद्र और राम प्रताप मिश्रा की दो बीघा आलू की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। सुबह खेतों की हालत देखकर किसानों के होश उड़ गए। ऑपरेटर मौके पर नहीं मिला तो किसानों ने करीब सुबह आठ बजे स्वयं जाकर नलकूप बंद कराया।
घटना की सूचना किसानों ने डायल 112 पर दी, साथ ही क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक को भी अवगत कराया। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि सभी प्रभावित किसान छोटे काश्तकार हैं और फसल नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री और नलकूप विभाग के मुख्य अभियंता को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई और क्षतिपूर्ति की मांग की है।
इस संबंध में जेई अशोक कुमार ने बताया कि ऑपरेटरों की कमी के कारण एक ऑपरेटर को 10 से 15 नलकूपों की जिम्मेदारी दी जाती है। सिंचाई व्यवस्था के लिए गांव में समिति गठित है और कई बार किसान स्वयं नलकूप खोलकर सिंचाई कर लेते हैं। किसानों की फसलों में पानी कैसे भरा, इसकी जांच कराई जाएगी।