
लखीमपुर खीरी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्मजयंती के अवसर पर शुक्रवार को जिले में नागरिक सुरक्षा के तत्वावधान में युद्धकालीन आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन एवं मौजूदगी में हुए इस अभ्यास में ब्लैकआउट, अग्निशमन और मेडिकल रेस्पॉन्स की वास्तविक परिस्थितियों में जांच की गई, जिससे प्रशासनिक तैयारियों की जमीनी तस्वीर सामने आई।
निर्धारित समय पर जैसे ही सायरन की तेज आवाज गूंजी, पूरे अभ्यास क्षेत्र में ब्लैकआउट कर दिया गया। अचानक लाइटें बंद होते ही हवाई हमले जैसी आपात स्थिति का दृश्य उत्पन्न हो गया। कुछ देर तक पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा, जिससे आमजन और स्वयंसेवकों को युद्धकालीन परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।
मॉक ड्रिल की पूरी प्रक्रिया की जानकारी एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने माइक के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई की क्षमता को परखना है।
अभ्यास के दौरान आग लगने की स्थिति भी दर्शाई गई। सायरन बजते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षत शर्मा के नेतृत्व में दमकल की गाड़ियां सक्रिय हो गईं, वहीं सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता के नेतृत्व में एंबुलेंस सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तेजी से आग पर काबू पाया, जबकि घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से इमरजेंसी मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकीय टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
मॉक ड्रिल के समापन पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने सभी संबंधित विभागों की तत्परता और समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कवायदें आपदा के समय जान-माल की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। डीएम ने आमजन से भी अपील की कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़ी सावधानियों को समझें और निर्देशों का पालन करें। नेताजी की जयंती पर आयोजित यह मॉक ड्रिल जिले में सजग, संवेदनशील और तैयार प्रशासन का मजबूत संदेश बनकर सामने आई।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम, एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह, एसडीएम/प्रभारी अधिकारी नागरिक सुरक्षा कोर युगांतर त्रिपाठी, ईओ संजय कुमार, तहसीलदार सदर मुकेश कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार अश्विनी कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में चीफ वार्डन नागरिक सुरक्षा कोर लखीमपुर खीरी डॉ. वीर बहादुर धुरिया, विशाल सेठ, राम मोहन गुप्त (राष्ट्रीय प्रशिक्षक, जेसीआई इंडिया), एनसीसी, स्काउट-गाइड, आपदा मित्र एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।