
निघासन-खीरी। रामलीला मेला निघासन में बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देर रात तक संस्कार, कला और रचनात्मकता का अनोखा संगम प्रस्तुत किया। क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर पंचायत निघासन के झंडी रोड स्थित नंदीश्वर बाबा स्थान पर चल रहे श्री रामलीला मेला में मेला कमेटी द्वारा बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे माहौल को devotional स्पर्श दिया।
इसके बाद मंच पर नारी सशक्तिकरण, सोशल मीडिया एक अभिशाप, ग्रुप डांस, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, ऑपरेशन सिंदूर, धार्मिक नाट्य सहित कई विषयगत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में सामाजिक संदेश, सांस्कृतिक मूल्यों और मनोरंजन का अनोखा मेल देखने को मिला।
कार्यक्रम में ओम साईं पब्लिक स्कूल निघासन, सरदार पटेल एकेडमी ढखेरवा, आदर्श जनता विद्यालय खैरहनी, महंत गुरचरन दास स्कूल नानकनगर, नवयुग पब्लिक कॉन्वेंट स्कूल पतिया, स्प्रिंग डेल स्कूल बम्हनपुर, मां भारती विद्या मंदिर मँझिलीपुरवा, टीपीएस शिक्षा निकेतन गौढ़ी पुरवा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज निघासन, मोर्स पब्लिक स्कूल निघासन, एसडीकेएल पब्लिक स्कूल बरोठा सहित कई विद्यालयों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन दिया।
निर्णायक डॉ. निरुपमा दीक्षित, डॉ. सत्येंद्र मौर्या और वैष्णवी पांडेय ने परिणाम घोषित किए—
प्रथम स्थान: ओम साईं पब्लिक स्कूल निघासन — “गणेश वंदना”
द्वितीय स्थान: आदर्श जनता विद्यालय खैरहनी — “अयोध्या में राम आए हैं”
तृतीय स्थान (सांझा): सरदार पटेल एकेडमी ढखेरवा तथा टीपीएस शिक्षा निकेतन गौढ़ी पुरवा — “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “जिस देश में गंगा रहता है” नाट्य प्रस्तुति
विजेताओं को कमेटी द्वारा ट्रॉफी और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य आयोजक प्रदीप गुप्ता, मेला कमेटी महामंत्री के.के. मौर्या, कोषाध्यक्ष मनोज वर्मा, अंशुल दीक्षित, अनूप गुप्ता, मुनव्वर खान, केके विश्वकर्मा, अंकित जायसवाल, पिंटू कनौजिया, डॉ. पंकज मौर्य, अख्तर अली, आनंद विनोद, संगम शुक्ला, कपिल शर्मा, मनोज मौर्या, शिवा यादव, विमल मिश्रा, संदीप मिश्रा, राजू गिरी सहित सभी विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।
क्षेत्र के सैकड़ों लोग बच्चों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे और तालियों से उनका मनोबल बढ़ाया। बच्चों की प्रतिभा और उनके सजीव मंचन ने रामलीला मेला की इस रात को खास बना दिया।