सुरक्षा से लेकर स्वच्छता तक प्रशासन के इंतजाम चमाचम

वृन्दावन। देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू आज पहली बार भगवान श्रीकृष्ण की प्राकट्य स्थली और क्रीड़ा भूमि वृन्दावन पहुंचेंगी। यह अवसर ऐतिहासिक इसलिए भी है क्योंकि देश के राष्ट्रपति द्वारा पहली बार दिल्ली से लेकर वृन्दावन तक का सफर विशेष रेलगाड़ी से किया जा रहा है। उनके आगमन को लेकर ब्रजवासियों में गहरा उत्साह है, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व स्वच्छता के इंतजामों को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है।

आज प्रातः 8 बजे दिल्ली से विशेष ट्रेन द्वारा रवाना होकर महामहिम सुबह 10 बजे छटीकरा रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। किसी भी राष्ट्रपति की अगवानी का गौरव इस छोटे स्टेशन को पहली बार प्राप्त हो रहा है। इसके बाद उनका काफिला वीआईपी रोड स्थित जादौन पार्किंग पहुंचेगा, जहां से वे गोल्फ कार्ट द्वारा 10:35 बजे बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगीं। यहां उनका कार्यक्रम लगभग आधे घंटे का निर्धारित है।

बांकेबिहारी महाराज के दर्शन के उपरांत वे 11:30 बजे निधिवनराज का रुख करेंगीं। यहां भी उनका आध्यात्मिक कार्यक्रम आधे घंटे का होगा। इसके बाद पुनः जादौन पार्किंग लौटकर वे 12:40 बजे सुदामा कुटी आश्रम पहुंचेंगी और संत श्री सुदामा दास जी महाराज के वृन्दावन आगमन शताब्दी समारोह में शामिल होंगीं।

भोजन व विश्राम के उपरांत राष्ट्रपति का कार्यक्रम दोपहर 4 बजे मथुरा के उपेक्षित पड़े ऐतिहासिक कुब्जा कृष्ण मंदिर का दर्शन करने का है। प्रशासन ने इस मंदिर का कायाकल्प महज कुछ दिनों में कर इसे आकर्षक स्वरूप प्रदान कर दिया है। इसके उपरांत 4:20 से 4:50 बजे तक उनका श्रीकृष्ण जन्मभूमि दर्शन-पूजन का कार्यक्रम है। दिनभर के व्यस्त दौरे के बाद वे शाम 5:10 बजे मथुरा जंक्शन से विशेष रेलगाड़ी द्वारा पुनः दिल्ली लौट जाएंगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में महामहिम रामनाथ कोविंद के आगमन के बाद छह वर्षों के अंतराल पर राष्ट्रपति का यह दौरा हो रहा है। ब्रजवासी इसे अपने लिए गौरव का क्षण मान रहे हैं। उनका मानना है कि जब-जब ऐसी हस्तियां ब्रजधाम पधारती हैं, तब-तब प्रशासन तीर्थनगरी की दशा और दिशा सुधारने की ओर विशेष ध्यान देता है।

इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। सेना और पुलिस बल संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। वहीं महामहिम के गुजरने वाले मार्गों पर स्वच्छता मानो एक नया मानक स्थापित कर रही है। परिक्रमा मार्ग में अतिक्रमण हटाकर रेत बिछाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को वास्तविक यमुना तट का अहसास हो सके। ई-रिक्शों की अव्यवस्था नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग देने की तैयारी प्रशासन ने विशेष रूप से की है।

महामहिम के आगमन से जहां ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी, वहीं प्रशासन इसे ब्रजवासियों के लिए एक आदर्श और स्वच्छ तीर्थनगरी की झलक दिखाने के अवसर के रूप में देख रहा है।