राष्ट्रपति के दौरे से बदली गोवर्धन रोड की सूरत, सालों से अटके काम अचानक हुए तेज

रिपोर्ट: दिलीप यादव

मथुरा। राष्ट्रपति Droupadi Murmu के प्रस्तावित तीन दिवसीय मथुरा दौरे ने गोवर्धन रोड की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। लंबे समय से उपेक्षा झेल रही इस सड़क पर अब तेजी से सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। सड़क के गड्ढे भरे जा रहे हैं, टूटी पुलियाओं की मरम्मत शुरू हो गई है और डिवाइडरों की रंगाई-पुताई का काम भी तेजी से चल रहा है। सड़क के बीच बने डिवाइडरों की कच्ची जगहों पर पौधे लगाए जा रहे हैं और उनकी सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किए जा रहे हैं।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार गोवर्धन मार्ग का निरीक्षण कर रहे हैं। कई महीनों से सतोहा और खामनी क्षेत्र की कॉलोनियों का पानी सड़क पर बह रहा था, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब प्रशासन की सक्रियता के चलते सड़क पर जमा पानी भी सूख गया है और सफाई व्यवस्था बेहतर की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन समस्याओं को लेकर जनता और जनप्रतिनिधि वर्षों से आवाज उठा रहे थे, वे अब अचानक तेज रफ्तार से हल होती नजर आ रही हैं। राष्ट्रपति की आस्था और धार्मिक रुचि के चलते क्षेत्र के धार्मिक स्थलों और मार्गों को भी संवारा जा रहा है।

बताया जाता है कि गत सितंबर माह में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शहर के अंता पांडा क्षेत्र स्थित कुब्जा कृष्ण मंदिर पहुंची थीं, तब वहां की व्यवस्था और परिसर की स्थिति में भी काफी सुधार कराया गया था। अब उनके गोवर्धन परिक्रमा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए गोवर्धन चौराहे से लेकर गोवर्धन तक के मार्ग पर छोटी-बड़ी कमियों को दूर करने का काम तेज कर दिया गया है।

जिला पंचायत राज अधिकारी गोवर्धन मार्ग पर पड़ने वाली ग्राम पंचायतों को भी सफाई और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। सिंचाई विभाग टूटी पुलियाओं की मरम्मत में जुटा हुआ है, जबकि लोक निर्माण विभाग सड़क के गड्ढों में चिप्पी लगाकर मरम्मत का काम तेजी से करा रहा है।

करीब 21 किलोमीटर लंबे गोवर्धन रोड के किनारे बसे लोगों के लिए यह समय खास बन गया है। वे न केवल राष्ट्रपति के आगमन के साक्षी बनेंगे, बल्कि उनके दौरे से पहले होने वाली तैयारियों को भी करीब से देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे उन्हें सरकारी तंत्र की क्षमता का एहसास भी हो रहा है कि यदि प्रशासन ठान ले तो लंबे समय से लंबित कार्य भी कम समय में पूरे किए जा सकते हैं।