
पड़रिया तुला, खीरी। भीरा थाना क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बिना किसी संकेतक या चेतावनी बोर्ड के निर्माणाधीन लिंक मार्ग पर मौरंग का ढेर लगाए जाने से रात के अंधेरे में एक अधिवक्ता की कार उसमें फंस गई। हादसे में अधिवक्ता बाल-बाल बच गए, हालांकि उनकी कार को भारी नुकसान पहुंचा है।
कस्बा पड़रिया तुला निवासी अधिवक्ता नीरज सिंह ने बताया कि वह सोमवार शाम तहसील गोला से अपने घर लौट रहे थे। भीरा थाना क्षेत्र के चौखड़िया गांव के पास निर्माणाधीन सड़क पर अचानक बीच मार्ग में मौरंग का बड़ा ढेर लगा मिला। अंधेरा होने और किसी प्रकार के चेतावनी संकेत न होने के कारण उनकी कार सीधे मौरंग में घुस गई और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई की ओर बढ़ गई। गनीमत रही कि वाहन खाई में गिरने से पहले ही रुक गया।
घटना में नीरज सिंह को हल्की चोटें आईं, जबकि कार के अगले हिस्से को गंभीर क्षति पहुंची। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और ट्रैक्टर की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद वाहन को बाहर निकाला जा सका।
अधिवक्ता नीरज सिंह का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही रात में किसी प्रकार की रिफ्लेक्टर या बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी से क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।