
दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी सिनेमाई प्रोजेक्ट्स में गिनी जा रही फिल्म रामायणम् का बहुप्रतीक्षित टीजर रिलीज कर दिया गया है। इस टीज़र के ज़रिए ‘राम’ के किरदार को पहली बार सामने लाया गया है, जिसमें अभिनेता रणबीर कपूर की झलक ने दर्शकों के बीच खास उत्साह पैदा कर दिया है। इस फिल्म के प्रोड्यूसर, फिल्म मेकर और क्रिएटिव आर्किटेक्ट नमित मल्होत्रा ने इस प्रोजेक्ट को एक वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा है, जो टीज़र रिलीज़ के साथ ही साफ नजर आता है।
वैश्विक स्तर पर एक साथ रिलीज़, दर्शकों के लिए बना खास पल
भगवान श्रीराम का यह टीज़र दुनिया भर में एक साथ रिलीज़ किया गया, जिसे एक बड़े सिनेमाई इवेंट के रूप में देखा जा रहा है। करीब 5,000 वर्षों से चली आ रही इस कथा को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है। जो लोग बचपन से इस कहानी को सुनते आए हैं, उनके लिए यह एक नया अनुभव है, वहीं नई पीढ़ी और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए यह पहली बार इस महाकथा से जुड़ने का अवसर बनकर सामने आया है।
कर्तव्य और त्याग का प्रतीक ‘राम’ का चरित्र
फिल्म में ‘राम’ को एक ऐसे नायक के रूप में दर्शाया गया है, जो अपने व्यक्तिगत सुख से ऊपर कर्तव्य को महत्व देता है। वह सत्ता, आराम और निजी इच्छाओं को त्यागकर धर्म और सत्य का मार्ग चुनता है। ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ के रूप में जाने जाने वाले राम का चरित्र सम्मान, करुणा और नैतिकता का सर्वोच्च उदाहरण है। चाहे वनवास का संघर्ष हो, अपनों से बिछड़ने का दर्द या अन्याय के खिलाफ खड़े होने की चुनौती राम हर परिस्थिति में आदर्श प्रस्तुत करते हैं।

निर्देशक नितेश तिवारी बोले-भावनाओं की गहराई है फिल्म की ताकत
फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी का कहना है कि रामायणम् की असली ताकत इसकी भावनात्मक गहराई में छिपी है। उनके अनुसार, यह सिर्फ अच्छाई और बुराई की कहानी नहीं, बल्कि इंसान के फैसलों, उनके परिणामों और सही रास्ता चुनने की जिम्मेदारी की कहानी है। उन्होंने बताया कि राम के मानवीय पक्ष को ईमानदारी से दिखाने की कोशिश की गई है, ताकि दर्शक उनसे खुद को जोड़ सकें।
रणबीर कपूर ने बताया अनुभव ‘राम से सीखने आया हूं’
राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर ने इसे अपने जीवन का विनम्र अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि वह इस भूमिका के जरिए राम को प्रस्तुत करने नहीं, बल्कि उनसे सीखने आए हैं। उनके अनुसार, राम के चरित्र में जो सादगी और पवित्रता है, उसे समझना और अपने भीतर उतारना एक गहरा और आत्मिक अनुभव रहा है।
नमित मल्होत्रा बोले-राम की कहानी त्याग की मिसाल
प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने कहा कि राम की कहानी की असली ताकत उनके द्वारा जीती गई लड़ाइयों में नहीं, बल्कि उनके त्याग में है। उन्होंने कहा कि राम ने हमेशा अपनी इच्छाओं से ऊपर कर्तव्य, आराम से ऊपर सत्य और स्वयं से ऊपर बलिदान को चुना। यही कारण है कि उनकी कहानी हजारों वर्षों बाद भी प्रासंगिक बनी हुई है और आज के दौर में भी लोगों को प्रेरित करती है।