
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सार्वजनिक रामलीला मैदानों, स्थलों के विकास जीर्णोद्वारा तथा सौंदर्यीकरण के लिए 4363.68 लाख रूपये की लागत की 08 नवीन परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से राजधानी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में रामलीला मैदानों आदि का जीर्णोद्वार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। स्वीकृत धनराशि से निर्माण कार्य धरातल पर उतारने के लिए वित्तीय स्वीकृतियां भी जारी कर दी गई है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए है कि स्वीकृत धनराशि से चिन्हित कार्यों को मानक और गुणवत्ता के साथ पूरा करें।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र मोहनलालगंज के ग्राम सिसेंडी में रामलीला मैदान के बाउण्ड्रीवाल के निर्माण के लिए 56 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृति कर दी गई है। इसी प्रकार मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हिलगी में रामलीला मैदान की बाउण्ड्रीवाल तथा ग्राम बरवलिया में रामलीला मैदान की बाउण्ड्रीवाल के निर्माण हेतु क्रमशः 56 लाख रूपये एवं 60 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ऐशबाग रामलीला मैदान के विकास के लिए 129.60 लाख रूपये के सापेक्ष 11 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
36.61 लाख रूपये की मिली स्वीकृति
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी परिसर स्थित ओवरहैड वॉटर टैंक की रंगाई-पुताई एवं क्षतिग्रस्त बाउण्ड्रीवाल के मरम्मत के लिए 36.61 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वारों के परिसर की बाउण्ड्रीवाल , आंतरिक साज-सज्जा के लिए 2458.49 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके सापेक्ष 08 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
डिजाइन और क्यूरेशन कार्य के लिए 1107.53 लाख रूपये की स्वीकृति
जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश संस्कृति संग्रहालय और अनुष्ठान केन्द्र में डिजाइन और क्यूरेशन कार्य के लिए 1107.53 लाख रूपये की स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष 553.36 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति अनुमोदित की गई है। इसी प्रकार रायउमानाथ बली प्रेक्षागृह एवं भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ के परिसर में फसाड लाइंटिंग के कार्य हेतु 287.49 लाख रूपये की अनुमानत लागत के सापेक्ष 83.09 लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।
राजधानी के व्यंजनों को यूनेस्कों की सूची में मिला स्थान
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राजधानी लखनऊ में कोरोना कालखंड के बाद कानून व्यवस्था के बेहतर होने तथा बेहतर कनेक्टिविटी के चलते पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही धार्मिक महत्व के स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं के विस्तार से राजधानी एक पर्यटक हब के रूप में विकसित हो रही है। पर्यटन विभाग सांस्कृतिक एंव धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण एवं सांस्कृतिक पुनरूत्थान कर रही है। राज्य सरकार के प्रयासों के राजधानी के व्यंजनों को यूनेस्कों की सूची में स्थान मिला है।