
एत्मादपुर। रामनगर खंदौली क्षेत्र के सेमरा रोड स्थित एमजी फार्म हाउस में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन एवं चिंतन शिविर में ब्राह्मण समाज का आक्रोश और चिंतन एक साथ देखने को मिला। दूर-दराज से पहुंचे ब्राह्मण बंधुओं ने समाज की एकता, समस्याओं और भविष्य की दिशा को लेकर खुलकर विचार रखे तथा सामाजिक अन्याय के खिलाफ संगठित होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत सुंदरकांड के पाठ के साथ हुई, जिसके बाद हवन संपन्न कराया गया। इसके उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने समाज को संगठित रखने, युवाओं को सही दिशा देने और अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज बुलंद करने पर जोर दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता सेवा निवृत्त शिक्षक श्री राम शर्मा (नगला मट्टू) ने की।
सम्मेलन में किरावली निवासी राजू शर्मा से जुड़े पुलिस उत्पीड़न का मामला प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की गुमशुदा बिटिया तान्या मिश्रा का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। वक्ताओं ने कहा कि तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आगरा पुलिस गुमशुदा बिटिया को खोजने में असफल रही है, जो पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार द्वारा ‘बेटी पढ़ाओ–बेटी बचाओ’ जैसे नारे दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
सम्मेलन में पहुंचे तान्या मिश्रा के परिजनों ने समाज के समक्ष अपनी पीड़ा साझा करते हुए न्याय की गुहार लगाई। इस पर आगरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए ब्राह्मण समाज के लोगों ने एक स्वर में समर्थन जताया और आश्वासन दिया कि शीघ्र ही डीएसपी आगरा से मुलाकात कर निर्धारित समय सीमा में गुमशुदा बिटिया को बरामद करने की मांग की जाएगी।
सम्मेलन में कई ब्राह्मण संगठनों ने सहभागिता करते हुए समाजहित में एकजुट रहने और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश शर्मा दाढ़ी वाले, मनीष उपाध्याय, पवन पंडित, आनंद शर्मा, अनीष उपाध्याय एवं अंकित शर्मा ने व्यवस्थाएं संभाली। संचालन गजेंद्र शर्मा एवं मनीष उपाध्याय ने किया।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से नरेंद्र उपाध्याय, सुनील शर्मा, विनोद शर्मा, पवन समाधिया, मनोज शर्मा, नागेंद्र उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख आशीष शर्मा, विष्णु प्रधान, डॉ. तरुण शर्मा, विश्वकांत मिश्रा, राजेश शर्मा, विनोद उपाध्याय (उजरई), गोपाल प्रधान, पाला शर्मा, पवन शर्मा, अरुण शर्मा सहित बड़ी संख्या में विप्र बंधु उपस्थित रहे। सम्मेलन के माध्यम से समाज को संगठित होकर अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का स्पष्ट संदेश दिया गया।