ऋषभदेव भगवान की जन्मोत्सव यात्रा धूमधाम से निकली, नगर भ्रमण कर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर हुई संपन्न

रिपोर्ट: रजत गुप्ता

जसवंतनगर/इटावा। चैत्र कृष्ण नवमी के पावन अवसर पर सृष्टि निर्माता तथा प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जन्मोत्सव पर गुरुवार को नगर में भव्य शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा की शुरुआत वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव पंडाल से हुई, जिसका शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव ने भगवान की प्रथम आरती उतारकर किया।
शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अंत में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा के सबसे आगे अहिंसा का प्रतीक जैन ध्वज लहराता हुआ चल रहा था। इसके पीछे 15 शाही बग्गियां, इंद्र का स्वरूप, दो ऐरावत हाथी, ढोल-नगाड़े और बैंड बाजों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति भाव से चलते हुए भगवान ऋषभदेव के जयकारे लगा रहे थे।
शोभायात्रा में सुसज्जित नवीन रथ पर शिवकांत जैन के साथ आराध्य जैन, अनाकुल जैन और अच्युतकांत जैन विराजमान रहे। इस दौरान जैन समाज के गौरव तथा वर्तमान में प्रियांक जैन भी अपनी पत्नी सिखा जैन के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
सीओ प्रियांक जैन ने बताया कि भगवान ऋषभदेव ने मानव जीवन को असि, मसि और कृषि का ज्ञान देकर सभ्यता की आधारशिला रखी थी, इसलिए उनका जन्मोत्सव समाज में विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
शोभायात्रा के दौरान नगर के कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने भव्य स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान ऋषभदेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
अंत में शोभायात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई, जहां भगवान की आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।