लोहिया संस्थान में इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारम्भ: गुणवत्ता और सुधार पर संस्थान देगा विशेष जोर

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारम्भ 13 अप्रैल को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह प्रशिक्षण 20 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें नर्सिंग अधिकारियों को उनके दायित्वों, नर्सिंग मानकों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य नर्सिंग अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, नर्सिंग स्टाफ सहित संस्थान के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े चिकित्सा विषयों पर भी संक्षिप्त जानकारी साझा की गई।

मानवीय देखभाल नर्सिंग पेशे की आधारशिला: सुमन

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य नर्सिंग अधिकारी सुमन सिंह के संबोधन से हुई। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि मानवीय देखभाल नर्सिंग पेशे की आधारशिला है और अस्पताल में आने वाले मरीजों की सेवा में नर्सिंग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि एक नर्स का दायित्व केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने व्यवहार और संवेदनशीलता से मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने में सहयोग करना भी है।

नर्सिंग अधिकारियों को मरीजों की जरूरतों का सही आकलन करते हुए उनके लिए प्रभावी केयर प्लान तैयार करना चाहिए। उन्होंने नर्सिंग नैतिकता पर जोर देते हुए कहा कि इसमें उपकारिता, अहिंसा, स्वायत्तता का सम्मान और मानवीय गरिमा जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं।

वर्तमान में संस्थान में 1250 बेड की सुविधा

डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान की नीतियों, प्रोटोकॉल और दस्तावेजीकरण की मानकीकृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संस्थान में 1250 बेड की सुविधा उपलब्ध है और यह प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सिंग अधिकारियों के संचार कौशल, कार्यशैली, निर्णय क्षमता और मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नर्सिंग स्टाफ से मरीजों और उनके परिजनों की कई अपेक्षाएं जुड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें अपने कौशल को निरंतर विकसित करते हुए अपने पेशे में अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करना चाहिए।