
रिपोर्ट : प्रदीप तिवारी
गोंडा, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट गोंडा की सतर्कता और मानवीय पहल के चलते एक लावारिस बालिका को सुरक्षित संरक्षण दिलाया गया, जिसकी अब हर ओर सराहना हो रही है। प्लेटफॉर्म पर रोती हुई मिली इस बच्ची को आरपीएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सहायक उप निरीक्षक राम दत्त प्रसाद, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार सिंह और कांस्टेबल मोहनलाल प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर आपराधिक गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 2 के पूरब दिशा में ओवरब्रिज के नीचे एक लड़की रोती हुई दिखाई दी। टीम ने तुरंत उसे अपने संरक्षण में लेकर पोस्ट पर लाया।
पोस्ट पर महिला कांस्टेबल मधु द्वारा बच्ची से सरलता से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना नाम खुशबू बताया, लेकिन अपने घर या पते के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकी। इसके बाद तत्काल रेलवे चाइल्ड लाइन गोंडा को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर केस वर्कर आंचल गुप्ता मौके पर पहुंचीं। डिप्टी एसएस (कमर्शियल) गोंडा इरफान उल्लाह की उपस्थिति में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए बच्ची को नियमानुसार रेलवे चाइल्ड लाइन गोंडा को सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई के बाद आरपीएफ और जीआरपी की सक्रियता और संवेदनशीलता की व्यापक सराहना हो रही है। स्टेशन परिसर ही नहीं, बल्कि बाहर भी लोगों के बीच आरपीएफ इंस्पेक्टर और जीआरपी इंस्पेक्टर के कार्यों की प्रशंसा की जा रही है। रेलवे पुलिस की यह तत्परता दर्शाती है कि वे न सिर्फ सुरक्षा बल्कि मानवीय जिम्मेदारियों को भी पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।