
फतेहपुर/बाराबंकी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर देवां मंडल क्षेत्र के ग्राम टेराकला स्थित एक कॉलेज परिसर में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान विभाग प्रचारक ने समाज से संगठित होने और आपसी एकता को मजबूत करने की अपील की।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक कृष्णचंद्र रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति, भाषा, संपत्ति या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। यह देश उन सभी का है, जो सनातन संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हैं। यही सच्ची सामाजिक व्यवस्था का आधार है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता की पहली शर्त यह है कि मन से भेदभाव की भावना को समाप्त किया जाए और हर व्यक्ति को अपना मानते हुए जीवन जिया जाए। हिंदू समाज की परंपरा संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़े होकर सहारा देने की रही है। देश से प्रेम की भावना को मजबूत करने के लिए हमें अपने वीर बलिदानों की गाथाओं को पढ़ना और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
विभाग प्रचारक ने कहा कि संगठित और जागरूक हिंदू समाज के बल पर ही श्रेष्ठ और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। सम्मेलन में मौजूद लोगों ने उनके विचारों का समर्थन करते हुए समाज को एकजुट रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन ओम प्रकाश मौर्य ने किया। इस अवसर पर जिला प्रमुख विश्व हिंदू परिषद के तुलसीराम चौहान, रामनाथ मौर्य, ओम मौर्य, जसकरन लाल मौर्य सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे।