
रिपोर्ट : वरिष्ठ पत्रकार दिलीप यादव
मथुरा। स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां उपभोक्ता लगातार शिकायतें कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनियों पर इन मीटरों की आड़ में भारी भरकम एडवांस राशि जुटाने के आरोप लग रहे हैं। शनिवार को मथुरा जनपद के गोवर्धन क्षेत्र में महिलाओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में बिजलीघर पर जोरदार प्रदर्शन किया।
आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से 300 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से एडवांस लिया गया, जिससे कंपनियों को करीब 210 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्राप्त हुई। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 70 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे यह आंकड़ा और भी बड़ा हो जाता है।
गोवर्धन तहसील के गांव अड़ींग निवासी पप्पी शर्मा और सेहरा पारसा के लोगों का आरोप है कि बिना केबल बदले ही मीटर बदल दिए गए। वहीं सुरेन्द्र कुमार का कहना है कि उनसे बिना जानकारी दिए मीटर बदल दिया गया। पूनम ब्रज वाटिका की शिकायत है कि उनकी कॉलोनी में कई जगह केबल नहीं बदली गई, फिर भी सीलिंग स्लिप पर केबल बदलने के हस्ताक्षर करा लिए गए।
स्मार्ट मीटर को लेकर तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दिखा रहे हैं, जिससे बिल अधिक आ रहा है। इसको लेकर लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है।
स्मार्ट मीटर प्रणाली के कारण रोजगार पर भी संकट गहराता नजर आ रहा है। मीटर रीडिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से हजारों संविदा मीटर रीडरों के बेरोजगार होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे इस वर्ग में चिंता का माहौल है।
अड़ींग निवासी विजय भोले सोनी ने अपने घर में पुराने और स्मार्ट दोनों मीटर लगाए हैं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटर की तुलना में 19 यूनिट अधिक खपत दिखा रहा है, जिससे बिल में अंतर आ रहा है।