
आगरा। सेंट जॉन्स डिग्री कॉलेज, आगरा के भौतिकी विभाग में फिजिक्स एलुमनी एसोसिएशन (PAA) द्वारा प्रति वर्ष की परंपरा को निभाते हुए 31 जनवरी 2026 को भव्य एलुमनी मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम “स्मृति संगम – हम पंछी एक डाल के, अंगिरावन उतरे आज” की भावनात्मक और प्रेरक थीम पर आधारित रहा, जिसमें वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व छात्रों की आंखों में यादों की चमक और चेहरे पर आत्मीय मुस्कान साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस. पी. सिंह, मुख्य अतिथि डॉ. राजकुमार अग्रवाल, फिजिक्स एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नीरज सक्सेना एवं भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. लेसी थॉमस द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे सभागार में ज्ञान, विज्ञान और गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा का वातावरण बन गया।
इस मिलन समारोह की विशेषता यह रही कि देश के कोने-कोने से पूर्व छात्र इसमें शामिल हुए, वहीं कुछ एलुमनी विदेशों से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। वर्षों बाद अपने कॉलेज, विभाग और गुरुजनों से जुड़ने का यह अवसर सभी के लिए भावुक कर देने वाला रहा। एलुमनी सदस्यों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और कॉलेज के दिनों की पुरानी स्मृतियों को साझा किया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने अपने जीवन के अनुभव, करियर की यात्रा और उपलब्धियों को साझा किया। किसी ने शोध और शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान की बात कही, तो किसी ने प्रशासन, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में मिली सफलताओं को याद किया। साझा अनुभवों ने यह संदेश दिया कि भौतिकी विभाग ने न केवल शिक्षित किया, बल्कि सोचने, समझने और समाज में योगदान देने की दिशा भी दी।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अंशुल गुप्ता द्वारा किया गया। वहीं PAA के सचिव डॉ. के. पी. तिवारी ने संगठन की आय-व्यय विवरणिका प्रस्तुत की और पूर्व बैठकों के प्रस्तावों (रिज़ॉल्यूशन्स) को सर्वसम्मति से पारित कराया। एलुमनी एसोसिएशन की पारदर्शी कार्यप्रणाली और सक्रियता की सभी सदस्यों ने सराहना की।
लंच के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत, कविता और आत्मीय प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। इसके बाद फिजिक्स एलुमनी एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से डॉ. शरद कुमार को अध्यक्ष, डॉ. दयाल सरन को सचिव और विक्रम सिंह राघव को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। नई कार्यकारिणी से एलुमनी सदस्यों ने संगठन को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम में शिक्षा के बदलते स्वरूप, एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी गंभीर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य में AI शिक्षक या मानव का विकल्प नहीं, बल्कि एक सशक्त सहायक के रूप में उभरेगा। यह तकनीक रिसर्च, इनोवेशन और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि यदि भारत को रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में चीन और जापान जैसे देशों से आगे निकलना है, तो रिसर्च बजट में ठोस और निरंतर बढ़ोतरी आवश्यक है। एलुमनी सदस्यों ने युवा छात्रों को रिसर्च के प्रति प्रेरित करने और संस्थानों में शोध संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. एस. पी. त्रिपाठी, डॉ. ज्ञान प्रकाश यादव (ADM), डॉ. अमरजीत शर्मा (डीन, हायर एजुकेशन, शिमला), डॉ. के. के. सरकार, डॉ. शोभा शर्मा, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. सी. एन. मिश्रा, डॉ. दिव्य सिंह, डॉ. हमबीर सिंह सहित अनेक गणमान्य शिक्षाविद और एलुमनी सदस्य मौजूद रहे।
समापन सत्र में सभी ने यह संकल्प लिया कि एलुमनी एसोसिएशन न केवल स्मृतियों का संगम बनी रहेगी, बल्कि वर्तमान छात्रों के मार्गदर्शन, शोध सहयोग और शिक्षा के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। “स्मृति संगम” कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि समय और दूरी भले ही बढ़ जाए, लेकिन गुरु, ज्ञान और संस्थान से जुड़ा रिश्ता कभी कमजोर नहीं पड़ता।