
फतेहपुर-बाराबंकी। ब्लॉक सूरतगंज क्षेत्र में फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में लगाए गए तार राज्य पक्षी सारस के लिए जानलेवा साबित होते दिखे। गुरुवार को ग्राम रिछली में आलू के खेत की बाड़ में फंसकर एक दुर्लभ सारस गंभीर रूप से घायल हो गया। समय रहते सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू किया और उसकी जान बचाई।
ग्रामीणों के अनुसार, खेत में लगे तार में उलझने के कारण सारस का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया, जिससे वह उड़ने में असमर्थ हो गया। स्थानीय निवासी देशराज राजपूत ने घायल सारस को तड़पता देख तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी चेतराम और अरविंद मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक सारस को खेत से बाहर निकाला। मौके पर ही प्राथमिक उपचार के बाद घायल पक्षी को नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज किया।
वन विभाग कर्मियों के अनुसार, सारस का पैर गंभीर रूप से घायल है, लेकिन समय से रेस्क्यू होने के कारण उसकी जान बच गई। फिलहाल उसे रेंज कार्यालय में निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों की सलाह पर दो से तीन दिन में स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
गौरतलब है कि सारस उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी है और दुर्लभ प्रजातियों में शामिल है। खेतों में फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए जा रहे खुले तार और करंटयुक्त बाड़ वन्यजीवों के लिए लगातार खतरा बनते जा रहे हैं। वन विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसलों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल उपाय अपनाएं, ताकि वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे।