“धारा यह दीक्षित जी की हरदम मुस्कुराती रहे”

मकर संक्रांति पर पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित की पुण्यतिथि पर कवि सम्मेलन व खिचड़ी भोज का आयोजन
हैदरगढ़, बाराबंकी। पूर्व विधायक पंडित सुंदरलाल दीक्षित की तृतीय पुण्यतिथि पर आयोजित खिचड़ी भोज, कंबल वितरण और विराट कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से जनमानस को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, विधायक दिनेश रावत, एमएलसी एंगद सिंह, पूर्व विधायक रामनगर रावत, शरद अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी, अवधेश सिंह चंदेल, नन्हे तिवारी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ व्याख्या मिश्रा, लखनऊ द्वारा मां की वंदना से किया गया। कवि भवानी प्रसाद कमल ने कहा कि पंडित जी के संघर्ष और त्याग की गाथाएं हर दिल में जीवित रहें। शिव किशोर तिवारी खंजन ने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “धारा यह आज पंडित जी की हरदम मुस्कुराती रहे, इन्हीं की गाथा हर जुबान पर गुनगुनाती रहे।”
दुष्यंत सिंह न.दी ने बताया कि पंडित जी कार्यकर्ताओं के लिए समर्पित और निडर नेता थे, जिनके हुंकार पर भीड़ जुट जाती थी। व्याख्या मिश्रा ने कहा कि “हम तो आकर या जाकर तेरे लिए गीत गाकर सुना कर तेरे हो लिए।”
भोला पागल, रामकिशोर तिवारी और युवा कवि प्रख्यात प्मिश्रा ने भी दीक्षित जी की वीरता, संघर्ष और जनसेवा को कविताओं में व्यक्त किया। रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि उनके नेतृत्व और गर्जना से बड़े-बड़े अधिकारी कांपते थे और सुंदरलाल जी हमेशा अडियल और दृढ़ रहे।
कार्यक्रम में आए कवियों, समाजसेवियों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और नेताओं का आयोजक पंकज दीक्षित, पूजा दीक्षित और अनुराग दीक्षित ने स्वागत कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्व. सुंदरलाल दीक्षित को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और उनकी यादों को जीवित रखा।