
जसवन्तनगर/इटावा। शनिवार को जैन समाज द्वारा भगवान पार्श्वनाथ एवं चंद्र प्रभु भगवान के जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रमों का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण शुभारम्भ हुआ। उल्लेखनीय है कि भगवान पार्श्वनाथ का जन्म आज से लगभग 2902 वर्ष पूर्व काशी (वाराणसी) में हुआ था, और इस पावन अवसर को जैन समाज श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ मनाता है। महोत्सव के प्रथम दिन प्रातःकाल भगवान पार्श्वनाथ एवं चंद्र प्रभु भगवान के जन्मकल्याणक अवसर पर अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया गया, जिसका सौभाग्य राजकमल जैन एवं चिराग जैन को प्राप्त हुआ। टीकमगढ़ से पधारे मोनू एंड पार्टी के संयोजक मोनू जैन द्वारा चंद्र प्रभु विधान की समस्त धार्मिक क्रियाएं विधि-विधान एवं शास्त्रोक्त परंपरा के अनुसार सम्पन्न कराई गईं। आयोजन के दौरान जैन समाज में विशेष उत्साह एवं भक्ति का वातावरण देखने को मिला। महिलाओं ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना एवं स्तुतियाँ कीं, जबकि पुरुष वर्ग ने भक्ति नृत्य एवं गान के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट की। जिनशासन म्यूजिकल ग्रुप, आगरा से पधारे संगीतकार संस्कार जैन ने संगीतमय भक्ति भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति की गंगा में सराबोर कर दिया। इस दौरान नवदेवता पूजन, पार्श्वनाथ पूजन, चंद्र प्रभु पूजन एवं चंद्र प्रभु विधान संगीतमय वातावरण में सम्पन्न हुए। संध्या के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसके उपरांत नवीन रथ निर्माण के संदर्भ में बोलियाँ लगाई गईं, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी श्रद्धानुसार बोलियाँ लगाईं। कार्यक्रम की सफलता पर समाज के वरिष्ठजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।