दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर बवाल: ‘पंडित’ शब्द वाले सवाल को लेकर विवाद, जांच के आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 14 मार्च 2026 को आयोजित उपनिरीक्षक (दरोगा) भर्ती की लिखित परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। मामला इतना बढ़ गया कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी इस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 14 मार्च को उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई थी। परीक्षा समाप्त होने के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक प्रश्न और उसके विकल्प वायरल होने लगे। आरोप लगाया गया कि प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़ा ऐसा विकल्प दिया गया था जिससे एक वर्ग की भावना आहत हो सकती है। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस पर चर्चा तेज हो गई।

इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए हैं, उन पर गंभीर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है और यदि किसी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए और इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उधर भाजपा विधायक Shalabh Mani Tripathi ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में इस तरह का प्रश्न आना चिंताजनक है और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री Dinesh Sharma ने भी सोशल मीडिया पर ट्वीट कर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे प्रश्न नहीं होने चाहिए जिनसे किसी समाज विशेष की भावनाएं आहत हों।

वहीं इस पूरे विवाद पर Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board ने भी अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने कहा कि भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं किए जाते हैं, बल्कि यह कार्य अत्यंत गोपनीय संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है ताकि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहे। बोर्ड के अनुसार प्रश्नपत्र इतने गोपनीय तरीके से तैयार किए जाते हैं कि बोर्ड स्तर पर भी किसी अधिकारी या कर्मचारी को प्रश्नपत्र देखने की अनुमति नहीं होती। परीक्षा केंद्रों पर सील बंद पैकेट परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थियों की उपस्थिति में पहली बार खोले जाते हैं।

भर्ती बोर्ड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्न को लेकर उठी आपत्तियों को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित एजेंसी से इस बारे में जानकारी मांगी जा रही है। मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में उपनिरीक्षक के हजारों पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश भर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया है। ऐसे में प्रश्नपत्र से जुड़े इस विवाद ने परीक्षा की पारदर्शिता और संवेदनशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।