
अमर भारती ब्यूरो | वृंदावन।
परिक्रमा मार्ग केशीघाट के निकट स्थित चरणाश्रम में ठाकुर गोपालजी महाराज के नवें पाटोत्सव के अवसर पर आयोजित विद्वत संगोष्ठी में संतों और विद्वतजनों ने सनातन धर्म की रक्षा और भारतीय परंपराओं के संरक्षण का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत महामंडलेश्वर डॉ. सत्यानंद अधिकारी गुरुजी महाराज के स्वागत से हुई। उन्होंने कहा कि आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हर भारतीय “सनातनी” बनकर धर्म, संस्कृति और गौमाता की रक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने बताया कि पाटोत्सव पर ठाकुर गोपालजी महाराज का पंचामृत से अभिषेक किया गया और यमुना महारानी की पूजा-अर्चना की गई।
इस अवसर पर दाऊजी से आए भजन गायक कृष्ण बलराम ग्रुप ने भजनों की प्रस्तुति से भक्तिमय वातावरण बना दिया। नर-नारी भजनों की ताल पर झूम उठे। साथ ही नर-नारायण सेवा का आयोजन भी हुआ।
संगोष्ठी की अध्यक्षता डा. आदित्यनाथ महाराज ने की। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा, गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ और बृज के प्राचीन स्वरूप व यमुना की स्वच्छता के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
संतों ने कहा कि हर घर में बच्चों को गीता और रामायण पढ़ाई जानी चाहिए ताकि उनमें धर्म और संस्कार की जड़ें मजबूत हों।
इस मौके पर महामंडलेश्वर एवं महंत श्री समेत विद्वतजनों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जगतगुरु बलरामदेवाचार्य महाराज, कृष्ण स्वरूप महाराज, श्रीमहंत मदन मोहन महाराज, महामंडलेश्वर इंद्रदेवानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर राधाप्रसाद देवजू महाराज, महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज, चित्यप्रकाशानंद महाराज, नवलगिरी महाराज, हरीशंकर नागा महाराज, मोहनीशरण महाराज, डा. मनोज मोहन शास्त्री, धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़, सुरेंद्र सिंह यादव, मुरली अग्रवाल, दीना पंडित और संजू अग्रवाल सहित अनेक संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन रामविलास चतुर्वेदी ने किया।