
मसौली, बाराबंकी। ब्लॉक संसाधन केंद्र बड़ागांव में कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्यकत्रियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बाल विकास परियोजना अधिकारी पारूल शुक्ला एवं खंड शिक्षा अधिकारी जैनेंद्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। प्रशिक्षण समापन अवसर पर अधिकारियों ने समावेशी शिक्षा की अवधारणा, उसके सामाजिक दायित्व और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में अधिकारियों ने कहा कि समावेशी शिक्षा के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अहम कड़ी हैं। उन्होंने प्रशिक्षण को व्यवहारिक, संवेदनशील एवं बाल-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कार्यकत्रियों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, उनकी शैक्षिक व सामाजिक आवश्यकताओं की समझ, सहयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों तथा समावेशी वातावरण निर्माण से जुड़े विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण सत्रों से कार्यकत्रियों के ज्ञान में वृद्धि के साथ-साथ संवेदनशीलता, उत्तरदायित्वबोध एवं सेवा-भाव को भी मजबूती मिली।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में ब्लॉक स्पेशल एजुकेटर कमलेश कुमार रावत, एकता सक्सेना, नोडल एआरपी आदित्य कुमार वर्मा, एआरपी आशीष शुक्ल, उमेश कुमार वर्मा, राजेश कुमार यादव, राहत फातिमा, शिक्षक शिवम तिवारी, ब्लॉक गुणवत्ता समन्वयक विनोद वर्मा सहित अविनाश, हरिश्चंद्र, अर्पण परिहार एवं अब्दुल माजिद की सराहनीय भूमिका रही।