
लखनऊ। अलीगंज इलाके के डंडहिया बाजार स्थित पुराने हनुमान मंदिर की जर्जर दीवार बृहस्पतिवार को अचानक ढह गई, जिससे एक बड़ा हादसा हो गया। दीवार के मलबे में दबकर 6 माह के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मिसरिख (सीतापुर) निवासी गजोधर अपने परिवार के साथ मंदिर के पास झुग्गी डालकर रहते हैं। हादसे के वक्त उनका 6 माह का बेटा झोपड़ी के अंदर सो रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे। इसी दौरान अचानक मंदिर की जर्जर दीवार गिर गई और बच्चा मलबे में दब गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को मलबे से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल उपचार के लिए भाऊराव देवरस अस्पताल भेजा गया, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने केजीएमयू रेफर कर दिया। केजीएमयू में इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
मृतक बच्चे की पहचान रूप लाल के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे के बाबा मेवालाल ने बताया कि यह उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा सदमा है। उन्होंने बताया कि तीन बेटियों के बाद यह बेटा हुआ था और परिवार ने उसके जन्म पर कर्ज लेकर खर्च किया था, जिसे अभी तक चुका भी नहीं पाए थे।
स्थानीय निवासी फूल कुमार ने बताया कि हादसे के बाद करीब 50-60 लोगों ने मिलकर बच्चे को निकालने की कोशिश की, लेकिन भारी मलबे के कारण काफी देर हो गई। यदि समय रहते बच्चे को निकाल लिया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर बल तैनात कर दिया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना ने एक बार फिर जर्जर भवनों और धार्मिक स्थलों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।