न्यूयॉर्क में भारत ने आतंकवाद पर रखा सख्त पक्ष: प्रवासी भारतीयों के कल्याण पर भी दिया जोर

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम में विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्पष्ट रुख दुनिया के सामने रखा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प आज भी उतना ही मजबूत है।

उन्होंने कहा कि पहलगाम में भारतीय पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और पेशेवर क्षमता को भी श्रद्धांजलि दी गई।

प्रवासन ने समाज और अर्थव्यवस्था को नई दी दिशा

मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रवासन और मानव तस्करी के मुद्दे पर भी भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षित, मानवीय और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रवासन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।

उन्होंने बताया कि दुनिया भर में बसे 3.4 करोड़ से अधिक भारतीय मूल के लोग भारत की बड़ी ताकत हैं और प्रवासन ने समाज तथा अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। सरकार ने ‘ई-माइग्रेट’ पोर्टल, ‘मदद’ शिकायत निवारण प्रणाली और ‘भारतीय समुदाय कल्याण कोष’ जैसी पहलों के माध्यम से विदेशों में रह रहे भारतीयों की सहायता और सुरक्षा को मजबूत किया है।

आकांक्षाओं, सम्मान और बेहतर भविष्य से जुड़ा मुद्दा

विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत ने 23 देशों के साथ श्रमिक और प्रवासन संबंधी समझौते किए हैं, ताकि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और नियमित रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रवासन केवल रोजगार का विषय नहीं, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं, सम्मान और बेहतर भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।