सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा: मातृशक्तियों ने किए दिव्य दर्शन, भव्य भंडारे का होगा आयोजन

लखनऊ। ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मातृशक्तियों ने गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में भगवान शिव के भव्य और दिव्य दर्शन किए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अप्रैल 2026 को लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह यात्रा उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित की गई।

1008 श्रद्धालुओं को दर्शन कराने का रहा उद्देश्य

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश से चयनित 1008 श्रद्धालुओं को बाबा सोमनाथ के दर्शन कराना था। यात्रा 21 अप्रैल की सुबह सोमनाथ स्टेशन पहुंची, जबकि 24 अप्रैल को वापसी के लिए रवाना होकर 26 अप्रैल को लखनऊ लौट आई। पूरे यात्रा क्रम में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

सोमनाथ मंदिर: आस्था, इतिहास और गौरव का प्रतीक

सपना गोयल ने बताया कि सोमनाथ मंदिर गुजरात के वेरावल-प्रभास पाटन में स्थित भगवान शिव का प्रथम और अत्यंत पवित्र ज्योतिर्लिंग है। यह मंदिर सदियों के आक्रमणों के बाद भी पुनर्जीवित होने, अपनी भव्य वास्तुकला और अटूट आस्था के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर का पुनर्निर्माण लौहपुरुष सरदार पटेल के प्रयासों से संभव हुआ, जो इसे हिंदू धर्म के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बनाता है।

5 मई को होगा विशाल भंडारा आयोजन

सोमनाथ यात्रा से लौटी मातृशक्तियों के सम्मान में 5 मई को लेखराज मेट्रो स्टेशन के पास दोपहर 1 बजे से ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

सनातन जनजागृति का महाअभियान

सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल ने इस यात्रा को सनातन जनजागृति का महती आयोजन बताते हुए कहा कि यह अभियान ‘एक राष्ट्र, सशक्त राष्ट्र, सनातनी राष्ट्र’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया और भविष्य में ऐसे आयोजनों के निरंतर जारी रहने की कामना की।

सुंदरकांड के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण

सपना गोयल ने बताया कि उनका उद्देश्य भारत को पुनः “विश्व गुरु” के रूप में स्थापित करना है। इसी दिशा में ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति द्वारा प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया जा रहा है।

हजारों महिलाओं की भागीदारी के साथ भव्य आयोजन

10 मार्च 2024 को महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर आयोजित सामूहिक सुंदरकांड में 5000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया था। इसके अलावा नैमिषारण्य में 23 जून 2024 को आयोजित भव्य सुंदरकांड महायज्ञ में भी हजारों महिलाओं की सहभागिता रही। सपना गोयल के नेतृत्व में प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बड़े स्तर पर ऐसे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा चुके हैं।

देशभर के तीर्थ स्थलों पर आयोजन का विस्तार

इस अभियान के तहत उत्तराखंड के सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ, हरिद्वार की हर की पौड़ी, प्रयागराज, कानपुर सहित कई प्रमुख तीर्थ स्थलों पर सुंदरकांड पाठ आयोजित किए गए हैं। अयोध्या में भी प्रभु राम जन्मभूमि परिसर में मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू किया गया है।

सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता

समिति द्वारा “सेवा परमो धर्मः” के मंत्र के साथ जरूरतमंदों की सेवा भी की जा रही है। सर्दियों में कंबल वितरण, विभिन्न अवसरों पर भंडारे और सावन माह में कांवड़ सेवा जैसे कार्य नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल पर भी विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी की जा रही है।