
लखनऊ। वर्ल्ड डांस डे के अवसर पर रत्ना डांस अकादमी द्वारा डांससुरा फिएस्टा का आयोजन गोमती नगर स्थित भारतीयम् भवन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन रत्ना अस्थाना के कुशल निर्देशन में हुआ, जिसमें “डांस” और “सुर” के संगम का उत्सव देखने को मिला। इस दौरान घोषणा की गई कि एक मई से “दादी, मम्मी और पोती” के लिए एक्सक्लूसिव समर डांस क्लासेस शुरू की जाएंगी।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि समर क्लासेस के तहत बॉलीवुड और सेमी-क्लासिकल डांस सिखाया जाएगा। इसके साथ ही “डांस फॉर हेल्थ एंड फिटनेस” के अंतर्गत जुम्बा और योगा का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों के लिए इंटरेस्टिंग गेम्स के साथ आर्ट एंड क्राफ्ट के इंट्रोडक्टरी सेशन भी आयोजित होंगे। हुनरमंद प्रतिभागियों को प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन का अवसर देने की भी घोषणा की गई।
बच्चों और माताओं को मिला सम्मान
उत्सव के दौरान “बेस्ट किड्स डांस” कैटेगरी में पांच बच्चों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। इनमें अग्रिमा व उनकी मां आशा चौरसिया, एंजल और वीरा के साथ उनकी मां लक्ष्मी मौर्या, रक्षा के साथ उनकी मां सुधा शर्मा और श्री के साथ उनकी मां रोली मौर्या शामिल रहीं।
वहीं “मदर डांस” कैटेगरी में श्वेता मनराल, रीता मनराल, रश्मि गुप्ता, नीलम गुप्ता, बबीता साहू, पिंकी मिश्रा, गरिमा सिंह, प्रीति गुप्ता, प्रीति श्रीवास्तव, अनुजा पाण्डेय, रीना साहनी, रश्मि त्रिवेदी और रचना श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।
मदर्स ने प्रस्तुत किए शानदार डांस परफॉर्मेंस
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान माताओं ने “पिया तोसे”, “तौबा कैसे हैं नादान” और “ओ रे पिया” जैसे लोकप्रिय गीतों पर उत्साहपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया। दर्शकों ने भी तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
नृत्य को बताया साधना का माध्यम
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतेन्दु नाट्य अकादमी के पूर्व निदेशक पुनीत अस्थाना ने कहा कि भगवान शिव का तांडव नृत्य सृष्टि के निर्माण और पुनर्निर्माण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि साधना का माध्यम भी है।
कार्यक्रम संयोजिका शुभ्रा अस्थाना ने सभी उपस्थित लोगों को विश्व नृत्य दिवस की शुभकामनाएं दीं। आयोजन में नमन ने मंच सज्जा की जिम्मेदारी निभाई, जबकि पावनी ने सोशल मीडिया प्रमोशन का कार्य संभाला।