
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 संसद से पारित होकर कानून बन चुका है और यदि सरकार चाहे तो इसे अगले चुनाव में लागू किया जा सकता है, लेकिन भाजपा इसे लागू करने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार कर रही है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि हालात बेहद खराब हैं और महिलाओं व बेटियों के साथ लगातार दुखद घटनाएं सामने आ रही हैं।
गाजीपुर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां सच्चाई दबाने की कोशिश की गई, पीड़िता के पिता मेडिकल जांच चाहते थे, लेकिन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के दस वर्षों के नकारात्मक कार्यों से जनता परेशान हो चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को भारी बहुमत से जिताएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की रैलियों में आम जनता नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों को बसों से लाया जाता है और प्रशासनिक अधिकारी इसमें शामिल होते हैं।
मजदूर, महंगाई और अर्थव्यवस्था पर सरकार घिरी: अखिलेश
अखिलेश ने प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके लिए मजदूरों को सम्मान और अधिकार देना जरूरी है। कोविड के बहाने मजदूरों के अधिकार छीने गए और उन्हें पड़ोसी राज्यों के बराबर वेतन तक नहीं मिल रहा। बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आम मजदूर के लिए जीवन यापन मुश्किल होता जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे और विकास कार्यों पर सियासत
गंगा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि एक्सप्रेस-वे बनाने की शुरुआत समाजवादी सरकार ने की थी। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को बेहतरीन बताया और आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अधूरे प्रोजेक्ट बना रही है। वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पक्ष में बड़ा दावा करते हुए कहा कि वह ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगी। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और प्रशासनिक ढांचे के समानांतर संरचना खड़ी करने का आरोप लगाया।
बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश की बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने नए बिजली संयंत्र नहीं लगाए और मीटर बदलकर जनता से वसूली की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों को इलाज नहीं मिल रहा, जबकि समाजवादी सरकार में मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध थीं। आगामी चुनावों को लेकर आ रहे सर्वे पर उन्होंने कहा कि जब उम्मीदवार ही घोषित नहीं हुए हैं तो ऐसे सर्वे का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने इन सर्वे को प्रीपेड मीटर की तरह बताया और कहा कि बीजेपी चुनाव खत्म होते ही फिर महंगाई बढ़ाएगी।