जलभराव से 700 बीघा भूमि बंजर, किसान बोले—बर्बादी का हिसाब नेताओं से मांगेंगे


किरावली। विकास खंड अछनेरा और फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की समस्या किसानों के लिए गंभीर संकट बन गई है। घरेलू गंदे पानी और पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के कारण करीब 700 बीघा कृषि भूमि अब तक बुवाई से वंचित पड़ी है। प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
जानकारी के अनुसार अछनेरा ब्लॉक के कचौरा गांव में लगभग 300 बीघा भूमि जलभराव से प्रभावित है, जबकि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के अरहेरा, गढ़ी नंदू और जिंदपुरा गांवों में करीब 400 बीघा भूमि अभी भी पानी की समस्या से जूझ रही है। कई खेतों से पानी उतर चुका है, लेकिन भूमि की स्थिति ऐसी नहीं है कि उसमें फसल की बुवाई की जा सके।
किसानों का कहना है कि पिछले दस माह से खेत बंजर पड़े हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसी भूमि में कौन-सी फसल बोई जाए। इससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के पुराने बरसाती नाले वर्षों से बंद पड़े हैं। इनकी सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है, लेकिन दशकों से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का दावा है कि जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहता है।
जिंदपुरा के किसानों का कहना है कि कुछ खेतों में पानी सूखने के बावजूद भूमि खेती योग्य नहीं बची है। वहीं, बरसात का मौसम करीब होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी खरीफ सीजन भी प्रभावित हो सकता है।
कचौरा गांव के किसानों ने आरोप लगाया कि गांव का गंदा पानी निकासी व्यवस्था के अभाव में सीधे खेतों की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न हो गई। किसानों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है और उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
प्रभावित किसानों ने चेतावनी दी है कि विधानसभा चुनाव के दौरान वोट मांगने आने वाले नेताओं से वे अपनी बर्बादी का जवाब मांगेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने मांग की है कि जून माह से पहले जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कर प्रभावित भूमि को खेती योग्य बनाया जाए। अन्यथा वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।