
लखनऊ। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इसी क्रम में ओवैसी 14 जून को यूपी के बहराइच जिले में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। बता दें पार्टी इस कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने औपचारिक चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देख रही है। असदुद्दीन ओवैसी की यह रैली ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब प्रदेश में राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों को धीरे-धीरे गति देने लगे हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में एआईएमआईएम ने 96 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें अधिकांश सीटें मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की थीं। इससे पहले वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि दोनों चुनावों से पहले स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर माना गया था, लेकिन विधानसभा चुनावों में उसे सफलता नहीं मिल सकी और पार्टी अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही। वहीं 2024 चुनाव में अखिलेश के पीडीए की तर्ज पर पीडीएम मोर्चा बनाने वाली एआईएमआईएम ने अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था। पर उसके साथ का फायदा अन्य दल को भी नहीं मिला। इस चुनाव में अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल ने प्रत्याशी उतारे और उन्हें कुल मतदान में से सिर्फ .4 फीसदी वोट मिले। अब 2027 के चुनाव को देखते हुए एआईएमआईएम प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और बेहतर प्रदर्शन की रणनीति पर काम कर रही है।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर करेंगे जियारत
जनसभा को संबोधित करने से पहले असदुद्दीन ओवैसी बहराइच स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जाकर जियारत करेंगे। इसके बाद वह जिले के मटेरा विधानसभा क्षेत्र में शंकरपुर चौराहे के पास आयोजित जनसभा में शामिल होंगे। यह विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में समाजवादी पार्टी की विधायक मारिया शाह का निर्वाचन क्षेत्र है। पार्टी को उम्मीद है कि ओवैसी की मौजूदगी से क्षेत्र में संगठन को मजबूती मिलेगी और आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होगा।
200 सीटों पर लड़ने का दावा
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मीडिया को ओवैसी के दौरे और जनसभा की जानकारी देते हुए बताया कि इसी कार्यक्रम के साथ पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने 2027 विधानसभा चुनाव अभियान का शुभारंभ करेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनती है और अकेले चुनाव मैदान में उतरती है, तो वह राज्य की लगभग 200 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। शौकत अली ने दावा किया कि पार्टी प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और नए क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में लगातार काम कर रही है।
बीएसपी के साथ गठबंधन को बताया स्वाभाविक विकल्प
संभावित राजनीतिक गठबंधनों को लेकर पूछे गए सवाल पर शौकत अली ने कहा कि यदि एआईएमआईएम किसी दल के साथ गठबंधन करती है तो बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) उसके लिए सबसे स्वाभाविक सहयोगी होगी। उनका कहना था कि प्रदेश में मुस्लिम और दलित समुदाय मिलकर करीब 40 प्रतिशत वोट शेयर का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में दोनों वर्गों का राजनीतिक एकजुटता के साथ चुनाव लड़ना समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी, दोनों के लिए चुनौती साबित हो सकता है।