गुजरात ATS ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की

नई दिल्ली/अमर भारती। गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (ATS) ने राज्य के विभिन्न जिलों में समन्वित अभियान चलाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एजेंसियों के अनुसार, इन लोगों पर संगठन के नेटवर्क से संपर्क रखने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे नेटवर्क की जांच और तेज कर दी है।
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान
ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अयूब काडीवाल उर्फ मोहम्मद खड़ियासन, मोहम्मद शफी मुखी उर्फ शफी चापी, मोहम्मद हसन कराडिया उर्फ हसन हैदरपुरी और मोहम्मद अयूब सुमासरा उर्फ मोहम्मद खली के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके संपर्क किन लोगों से थे और क्या इनका संबंध किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से था।
पहले गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से जुड़े तार
ATS के अनुसार, इन पांचों संदिग्धों के तार पिछले महीने गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्धों से जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान मिले डिजिटल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एजेंसियों ने इनकी गतिविधियों पर नजर रखी थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए इन्हें हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह नेटवर्क केवल संपर्क तक सीमित था या फिर किसी बड़ी साजिश की तैयारी भी की जा रही थी।
गुजरात में नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लंबे समय से गुजरात में अपने प्रभाव और नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या स्थानीय स्तर पर नए लोगों को जोड़ने या स्लीपर सेल तैयार करने के प्रयास किए गए थे। हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसियों ने इस मामले में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
ATS अधिकारी ने क्या कहा?
ATS के पुलिस उपाधीक्षक हर्ष उपाध्याय ने बताया कि पहले गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्धों के संपर्क में आए इन पांच युवकों को पूछताछ और जांच के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि आगे कोई नए तथ्य सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।
जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क की वास्तविक संरचना और उद्देश्य को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।फिलहाल ATS इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय में जांच आगे बढ़ा रही है।
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