
लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में शुक्रवार को गुजरात की संस्कृति, परंपरा और विरासत जीवंत हुई। मौका था राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित गुजरात राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम का। कार्यक्रम का शुभारंभ गुजराती संस्कृति पर आधारति नृत्य प्रस्तुति की। विश्वविद्यालय के छात्रों ने मनमोहक अंदाज में गुजराती नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया।
इसके बाद पारंपरिक गुजराती वेश-भूषा में छात्र-छात्राओं ने फैशन शो में अपनी प्रतिभा का परिचय कराया। पेशेवर अंदाज में छात्रों ने प्रस्तुति दी। साथ ही गुजरात राज्य के गठन को लेकर 1956 में हुए आंदोलन की घटना पर आधारित एक लघु नाटिका की संजीदा प्रस्तुति दी। छात्रों के अभिनय की सभी ने तारीफ की। इसके अलावा छात्राओं ने गुजरात के व्यापारिक सोच का संदेश देती नाटक का मजेदार अंदाज में प्रस्तुति दी। इस क्रम में छात्राओं ने गुजरात के प्रसिद्ध गरबा नृत्य प्रस्तुत कर खूब ताली बटोरी।
विभिन्न राज्यों से कुछ न कुछ सीख सकते हैं: कुलपति
इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से समुद्र के किनारे वाले राज्य समृद्ध रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण व्यापारिक रास्ते का होना है। साथ ही ऐसे प्रदेश व्यापार केंद्रित होते हैं। साथ ही सांस्कृतिक रूप से भी काफी विपुल होते है। ऐसे में छात्रों का इन राज्यों की संस्कृति को जानना काफी महत्वपूर्ण है। हमें देश के अन्य राज्यों से काफी कुछ सीखने को मिल सकता है। खासकर गुजरात के लोग अपने कार्य के प्रति काफी समर्पित होते हैं। यह बात हमें भी अपने व्यवहार में लानी चाहिए।
गुजरात देश के विकास का मॉडल
कार्यवाहक कुलसचिव एवं वित्त अधिकारी केशव सिंह ने कहा कि गुजरात को देश के विकास का मॉडल कहा जाता है। निश्चित रूप से यह प्रदेश विकास के मामले में बहुत आगे है। हम भी इस राज्य से बहुत कुछ सीख सकते हैं। इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक प्रो दीपक नगरिया, सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज एवं आईईटी के निदेशक प्रो वीरेंद्र पाठक, एफओएपी की प्राचार्या प्रो वंदना सहगल सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।